MahaMrtyunjaya Stotram



(This stotram was composed by Rishi Markandeya)
रुद्रं पशुपतिं स्थाणुं नीलकण्ठमुमापतिम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
rudram pashupatim sthANum neelakanTham umApatim
namAmi shirasA devam kim no mrutyuh karishyati
नीलकण्ठं कालमूर्तिं कालज्ञं कालनाशनम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
neelakantham kAlamUrtim kAlagyam kAlanAshanam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
नीलकण्ठं विरूपाक्षं निर्मलं निलयप्रदं 
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
neelakantham virupAksham nirmalam nilayapradam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
वामदेवं महादेवं लोकनाथं जगद्गुरुं
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
vAmadevam mahAdevam lokanAtham jagadgurum
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati

देवदेवं जगन्नाथं देवेशं वृषभध्वजम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
devadevam jagannAtham devesham vrushabhadhvajam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
त्र्यक्षयं चतुर्भुजं शान्तं जटामकुटधारिणम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
tryakshayam chaturbhujam shAntam jaTAmakuTadhAriNam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
भस्मोद्धूलित सर्वाङ्गं नागाभरण भूषितम् 
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
bhasmoddhUlita sarvAngam nAgAbharaNa bhUshitam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
अनन्तमव्ययं शान्तं अक्षमालाधरं हरम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
anantamavyayam shAntam akshamAlAdharam haram
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
आनन्दं परमं नित्यं कैवल्य पददायिनम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
Anandam paramam nityam kaivalya padadAyinam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
अर्द्धनारीस्श्र्वरं देवं पार्वति प्राणनायकम् 
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
ardhanArIshwaram devam pArvati prANanAyakam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
प्रलयस्थितिकर्तारं आदिकर्तारमीश्र्वरम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
pralayasthitikartAram AdikartAramIshwaram
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
व्योमकेशं विरूपाक्षं चन्द्रार्द्दकृतशेखरम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
vyomakesham virupAksham chandrArdakrutashekharam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
गङ्गाधरं शशिधरं शङ्करं शूलपाणिनम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
gangAdharam shashidharam shankaram shUlapANinam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
अनाथः परमानन्तं कैवल्यपदगामिनि
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
anAthah paramAnantam kaivalyapadagAmini
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
स्वर्गापवर्गदातारं सृष्टिस्थित्यन्तकारणम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
svargApavargadAtAram srushtisthityantakAraNam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
कल्पार्युदेहि मे पुण्यं यावदायुररोगताम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
kalpAyurdehi me puNyam yAvadAyurarogatAm
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
शिवेशानां महादेवं वामदेवं सदाशिवम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
shiveshAnAm mahAdevam vAmadevam sadAshivam
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
उत्पत्तिस्थितिसंहार कर्तारमीश्र्वरम् गुरुम्
नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति ||
utpatti-sthiti-samhAram kartAramIshwaram gurum
namAmi shirasa devam kim no mrutyuh karishyati
मार्कण्डेय कृतं स्तोत्रं यः पठेच्छिव संनिधौ
तस्य मृत्युभयं नास्ति नाग्निचौरभयं क्वचित् ||
mArkanDeyakrutam stotram yah paThecchiva-sannidhau
tasya mrutyubhayam nAsti nAgnichaurabhayam kvachit

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